!! कामयाब तो हर कोई बनना चाहता है, जो सपनों में देखा वो मुकाम पाना चाहता है !!
!! पर कामयाबी का मतलब हर कोई समझ नहीं पाता है !!
!! कामयाबी वो नहीं कि आपने हासिल क्या क्या किया है, कामयाबी तो वो है कि उसको हासिल करने के लिए आपने क्या क्या किया है!!
!! ये दुनियां तो सिर्फ उड़ान देखती है, जमीन से आसमान को देखती है !!
!! पर एक खास दिन होता है, जब इस सफर की शुरूआत होती है, हर इंसान की जिंदगी में एक खास दिन आता है, जब वो यह फैसला करता है कि नहीं जीना मुझे इस तरह, नहीं जीना मुझे पत्थर की लकीरों पर !!
!! इरादे तो इतने मजबूत हैं कि अपनी तकदीर की लकीरें तो हम खुद बनाएंगे, जब तलाश हो सोने की तो पहाड़ों को मिट्टी तो हम बनायेंगे और काट देंगे हर उस कंटीले झाड़ को जो हमारे रास्ते में आएंगे !!
!! मंजिल हासिल करनी है तो सीखना तो पड़ेगा, ढूंढना भी पड़ेगा उस शख्स को,जो प्रेरणा का स्रोत बने , जो कामयाबी का रास्ता दिखा दे, जो गिरने ना दे और पीछे मुड़ने ना दे!!
!! और फ़िर आता है एक दिन हम सबकी जिंदगी में, जिसको ये दुनियां कामयाबी कहते हैं और हम मुस्कुरा कर याद करते हैं अपने इस सफर को जहां से इस तूफ़ान की शुरुआत हुई थी और हमने अपने एक कागज़ पर लिखकर जिंदगी में उतार लिया था-
" मुझे नहीं जीना इस तरह अभाव की यह जिंदगी, मुझे पहुंचना है अपनी मंजिल पर!!
जहां मैं जीऊं बस जीऊं, सिर्फ अपने लिए नहीं पर सबकी ख़ुशी के लिए!!
लोग मुझे देखें तो मुस्कुराएं, एक आश और विश्वास लिए और मैं सबसे कहूं कि ईश्वर में विश्वास है तो दिल पर हाथ रखिए और कहिए , "मैं हूं ना"!!